Navratri Upay and Mahatva: शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म का सबसे पावन और शुभ पर्व माना जाता है। यह पर्व वर्ष में 4 बार आता है, जिनमें शारदीय और चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में मां दुर्गा और उनके नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। भक्त पूरे श्रद्धाभाव से उपवास रखते हैं, नियमों का पालन करते हैं और मां की आराधना कर सुख-समृद्धि, शक्ति और सफलता की कामना करते हैं।
मान्यता है कि नवरात्रि के समय किया गया हर कार्य शुभ फल देता है, लेकिन यदि इस दौरान कुछ गलतियां हो जाएं तो जीवन में कठिनाइयां भी आ सकती हैं। शास्त्रों और परंपराओं में नवरात्रि के दौरान कई ऐसे कार्य बताए गए हैं, जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस पावन पर्व पर किन कार्यों से बचना चाहिए और उनका जीवन पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।
झूठ बोलना और दूसरों का अपमान करना
नवरात्रि में मां दुर्गा की उपासना का मूल संदेश है- सत्य, संयम और सदाचार। इस दौरान यदि कोई व्यक्ति झूठ बोलता है या दूसरों का अपमान करता है तो मां की कृपा उस पर से दूर हो सकती है। इन नौ दिनों में वाणी और आचरण पर विशेष नियंत्रण रखने की आवश्यकता होती है।
मांस, शराब और नशे का सेवन
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दिनों में मांसाहार, शराब या किसी भी प्रकार का नशा करना वर्जित है। ऐसा करने से व्रत और पूजा का फल नष्ट हो जाता है। यह काल आत्मिक शुद्धि और संयम का है, अतः सात्विक भोजन करना और शुद्ध आचरण अपनाना ही उचित है।
तामसिक भोजन से परहेज
प्याज, लहसुन जैसे तामसिक पदार्थों का सेवन नवरात्रि के दिनों में नहीं करना चाहिए। यह पदार्थ मन में आलस्य और अशांति बढ़ाते हैं। सात्विक भोजन जैसे फल, दूध, साबूदाना, कुट्टू के आटे की पूरी, सिंघाड़े का आटा आदि का सेवन करना ही शुभ माना जाता है।
बाल और नाखून काटना
शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि के दिनों में बाल और नाखून काटना अशुभ माना जाता है। इसे अशुद्ध कर्म माना जाता है और इससे मां दुर्गा की कृपा कम हो सकती है। इन दिनों शरीर और मन की पवित्रता पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
घर में कलह और नकारात्मकता
नवरात्रि में घर का वातावरण पवित्र और शांतिपूर्ण रखना चाहिए। घर में झगड़ा, कलह या नकारात्मक बातें करना वर्जित है। ऐसा करने से पूजा-पाठ का फल कम हो जाता है और घर में सुख-शांति बाधित होती है।
अपवित्र वस्त्र धारण करना
नवरात्रि में प्रतिदिन स्नान करके स्वच्छ और पवित्र वस्त्र धारण करना चाहिए। गंदे या अपवित्र वस्त्र पहनकर पूजा करना अनुचित है। इससे मन का एकाग्रता भंग होती है और पूजा का प्रभाव भी कम हो जाता है।
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व्रत का नियम तोड़ना
यदि आप नवरात्रि का व्रत रखते हैं, तो उसका पालन पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ करें। व्रत का नियम बीच में तोड़ना या लापरवाही करना अशुभ माना जाता है। व्रत के दौरान उचित समय पर भोजन करना और मां का ध्यान करना आवश्यक है।
देवी प्रतिमा या कलश की उपेक्षा
नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है। मान्यता है कि कलश में स्वयं देवी शक्ति का वास होता है। अतः नौ दिनों तक कलश और प्रतिमा की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। रोजाना स्नान-ध्यान कर उचित विधि से पूजा-अर्चना करना जरूरी है।
रात्रि में अनुचित कार्य
नवरात्रि की रातों को अत्यंत पवित्र माना गया है। इन रातों में मां दुर्गा के नाम का कीर्तन, भजन और पाठ करना चाहिए। रात्रि में अनुचित कार्य या असंयमित व्यवहार करना शुभ नहीं होता और इससे मां की कृपा कम हो सकती है।
दान-पुण्य की अनदेखी
नवरात्रि के दिनों में दान-पुण्य का विशेष महत्व है। गरीबों को भोजन कराना, जरूरतमंदों की मदद करना और कन्या पूजन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति इस दौरान दान-पुण्य से मुंह मोड़ ले, तो उसे आध्यात्मिक सुख और पुण्य का लाभ नहीं मिलता।
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नवरात्रि में क्या करना चाहिए
नवरात्रि में इन निषेधों के अलावा कुछ सकारात्मक कार्य हैं, जिन्हें अपनाने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
- प्रतिदिन मां दुर्गा की आरती करें।
- मंत्र जाप और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
- घर को स्वच्छ और सुगंधित रखें।
- गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा करें।
- सात्विक भोजन करें और ध्यान-भजन में समय दें।
जानें क्या है धार्मिक मान्यता
नवरात्रि केवल उपवास या अनुष्ठान का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, अनुशासन और भक्ति का मार्ग है। यदि हम इस दौरान बताए गए नियमों और परंपराओं का पालन करें, तो मां दुर्गा की कृपा हमें जीवन के हर क्षेत्र में सफलता और सुख-समृद्धि प्रदान करती है। वहीं, यदि हम इन दिनों में भूलवश भी अनुचित कार्य कर बैठते हैं, तो जीवन में कठिनाइयां और बाधाएं आ सकती हैं। इसलिए नवरात्रि में सदैव सात्विक आचरण अपनाएं, पूजा-पाठ में मन लगाएं और मां दुर्गा की भक्ति में लीन होकर उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को सुखी और समृद्ध बनाएं।


