Gupt Navratri Puja Mantra Jaap: हिंदू धर्म में मां दुर्गा को समर्पित नवरात्रि पर्व का विशेष महत्व होता है। सालभर में चार बार नवरात्रि का पर्व आता है, जिनमें से दो गुप्त नवरात्रि होती हैं। पहली गुप्त नवरात्रि माघ मास के शुक्ल पक्ष में और दूसरी आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष में मनाई जाती है। गुप्त नवरात्रि का संबंध विशेष रूप से साधना, तंत्र-मंत्र और आंतरिक शक्ति की आराधना से माना जाता है। आम नवरात्रि की तरह इसमें सार्वजनिक आयोजन नहीं होते, बल्कि साधक गुप्त रूप से मां दुर्गा और दस महाविद्याओं की उपासना करते हैं। मान्यता है कि इस दौरान विशेष मंत्र जाप करने से साधक को आध्यात्मिक शक्ति, मानसिक शांति और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
गुप्त नवरात्रि का शाब्दिक अर्थ है- ऐसी नवरात्रि जिसमें साधना गुप्त रूप से की जाए। इस दौरान साधक बाहरी आडंबर से दूर रहकर आत्मशुद्धि, ध्यान और मंत्र जाप पर ध्यान केंद्रित करता है। शास्त्रों के अनुसार, गुप्त नवरात्रि में की गई साधना शीघ्र फलदायी होती है, क्योंकि इस समय ब्रह्मांडीय ऊर्जा अत्यंत सक्रिय रहती है। तंत्र शास्त्र में इसे सिद्धि प्राप्ति का श्रेष्ठ काल माना गया है।
किन देवी-देवताओं की होती है पूजा
गुप्त नवरात्रि में मुख्य रूप से मां दुर्गा के साथ-साथ दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है। इनमें काली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी शामिल हैं। प्रत्येक महाविद्या का अपना अलग मंत्र और साधना विधि होती है। साधक अपनी क्षमता और गुरु की सलाह के अनुसार देवी का चयन करता है।
मंत्र जाप का विशेष महत्व
मंत्र जाप को हिंदू धर्म में अत्यंत शक्तिशाली साधन माना गया है। माना जाता है कि मंत्रों की ध्वनि तरंगें मन, शरीर और वातावरण पर सकारात्मक प्रभाव डालती हैं। गुप्त नवरात्रि में मंत्र जाप करने से भय, नकारात्मकता और मानसिक अशांति दूर होती है। साथ ही जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।
गुप्त नवरात्रि में जाप करने योग्य प्रमुख मंत्र
1. मां दुर्गा का बीज मंत्र
मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥
महत्व: यह मंत्र मां दुर्गा का अत्यंत शक्तिशाली बीज मंत्र माना जाता है। इसके नियमित जाप से आत्मबल बढ़ता है और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है। यह मंत्र भय, शत्रु बाधा और मानसिक तनाव को दूर करने में सहायक माना गया है।
2. मां काली का मंत्र
मंत्र: ॐ क्रीं कालिकायै नमः॥
महत्व: मां काली को शक्ति और संहार की देवी कहा जाता है। यह मंत्र साधक के भीतर छिपी नकारात्मक प्रवृत्तियों को समाप्त कर आत्मिक शक्ति को जागृत करता है। विशेष रूप से साहस और निर्भयता प्राप्त करने के लिए इसका जाप किया जाता है।
3. मां तारा का मंत्र
मंत्र: ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट्॥
महत्व: मां तारा को संकटों से पार लगाने वाली देवी माना जाता है। इस मंत्र का जाप करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।
4. मां बगलामुखी का मंत्र
मंत्र: ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा॥
महत्व: यह मंत्र शत्रु बाधा, कानूनी विवाद और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा के लिए प्रसिद्ध है। गुप्त नवरात्रि में इसका जाप विशेष फलदायी माना जाता है।
5. मां लक्ष्मी का मंत्र
मंत्र: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥
महत्व: धन, वैभव और आर्थिक स्थिरता के लिए यह मंत्र अत्यंत प्रभावी माना गया है। गुप्त नवरात्रि में इसका जाप करने से आर्थिक परेशानियों में कमी आने की मान्यता है।
6. नवदुर्गा गायत्री मंत्र
मंत्र: ॐ आद्यायै विद्महे महादेव्यै धीमहि तन्नो दुर्गा प्रचोदयात्॥
महत्व: यह मंत्र समस्त दुर्गा स्वरूपों की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। इससे मन की शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
मंत्र जाप की सही विधि
गुप्त नवरात्रि में मंत्र जाप करते समय कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक माना गया है।
-
प्रातः ब्रह्म मुहूर्त या रात्रि के समय जाप करना श्रेष्ठ माना जाता है।
-
पूजा स्थल को स्वच्छ रखें और दीपक जलाएं।
-
आसन पर बैठकर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके जाप करें।
-
मंत्र का उच्चारण स्पष्ट और श्रद्धा भाव से करें।
-
संभव हो तो एक ही मंत्र का 108 बार जाप करें।
व्रत और संयम का महत्व
गुप्त नवरात्रि में व्रत रखने से साधना की शक्ति बढ़ती है। व्रत के दौरान सात्विक भोजन, मौन और संयम का पालन करने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि इससे मन एकाग्र रहता है और मंत्र जाप का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।
गुप्त नवरात्रि में क्या न करें
-
बिना गुरु मार्गदर्शन के जटिल तांत्रिक प्रयोग न करें।
-
क्रोध, अहंकार और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
-
साधना के दौरान निरंतरता बनाए रखें और बीच में न छोड़ें।
जीवन में खुशियां बनाए रखने का आध्यात्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुप्त नवरात्रि में श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए मंत्र जाप से न केवल आध्यात्मिक उन्नति होती है, बल्कि पारिवारिक सुख, मानसिक शांति और जीवन में संतुलन भी बना रहता है। यह समय आत्मचिंतन और आंतरिक शक्ति को पहचानने का अवसर प्रदान करता है। गुप्त नवरात्रि साधना, मंत्र जाप और आत्मशुद्धि का विशेष पर्व है। यदि इस दौरान सही विधि से देवी मंत्रों का जाप किया जाए, तो जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। श्रद्धा, संयम और नियमित साधना के साथ की गई पूजा से सुख-शांति और खुशहाली बनी रहने की मान्यता है।
ये भी पढ़ें – गुप्त नवरात्रि में क्यों की जाती है गुप्त साधना? जानिए नियम, परंपरा और धार्मिक महत्व
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।


